Akhiil Bhartiya Yuva Sakti Sanghatan

हुए पैदा तो धरती पर हुआ आबाद हंगामा
जवानी को हमारी कर गया बर्बाद हंगामा
हमारे भाल पर तकदीर ने ये लिख दिया जैसे
हमारे सामने है और हमारे बाद हंगामा

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए

Tuesday, 21 February 2012

रूठ गया है मुझको मानाने वाला

रूठ गया है मुझको मानाने वाला
अब कोई नहीं नाज़ मेरा उठाने वाला
पैर जाने क्या सोंचता है
यह खुला दरवाज़ा
शायद रास्ता भूल गया , अआने वाला
मन तेरी नज़र में तेरा प्यार हम नहीं ,
कैसे कहें की तेरे तलबगार हम नहीं ,
खुद को जला के खाक कर डाला , मिटा दिया ,
लो अब तुम्हारी राह में दीवार हम नहीं ,
जिस को संवारा हमने तमन्नाओं के खून से ,
गुलशन में उस बहार के हक़दार हम नहीं ,
धोखा दिया है खुद को मुहोब्बत के नाम से ,
कैसे कहें की तेरे गुनाहगार हम नहीं ..

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